ऐसा कई जोड़ों के साथ होता है, वे शादी करना तो चाहते हैं, लेकिन उस का क्या प्रोसीजर है, इस के बारे में उन्हें कुछ पता नहीं होता और संकोचवश वे खुद इस की जांचपड़ताल करने से हिचकिचाते हैं. आइए जानें कि अगर पेरैंट्स राजी नहीं हैं और आप शादी के फैसले तक पहुंच गए हैं, तो आप विवाह कैसे कर सकते हैं.
1. आर्य समाज मंदिर में विवाह प्रक्रिया
आर्य समाज मंदिर में जो विवाह होते हैं, वे सभी हिंदू विवाह अधिनियम के अंतर्गत होते हैं. आर्य समाज मंदिर आमतौर पर विवाह की पंजिका रखते हैं और प्रमाणपत्र जारी करते हैं. विवाह से पहले यह भी जानकारी लेते हैं कि दोनों पक्ष विवाह के योग्य हैं भी या नहीं और विवाह दोनों की पूर्ण सहमति से हो रहा है.
- आर्य समाज मंदिर वही विवाह कराते हैं जोकि कानूनन वैध हों. वहां दोनों की आयु के प्रमाणपत्र देखे जाते हैं. विवाह सूत्र में बंधने जा रहे युवकयुवती में कोई ऐसा संबंध तो नहीं जिस से विवाह अवैध हो, साथ ही यह भी देखा जाता है कि उन में से कोई विवाह के अयोग्य तो नहीं है. इस तरह हिंदू विवाह के लिए आवश्यक बातों को देखते हुए आर्य समाज मंदिर एक वैध विवाह संपन्न कराता है. वहां विवाह के साक्षी भी होते हैं. आर्य समाज मंदिर अपने रजिस्टर में इन सभी तथ्यों को अंकित करते हुए विवाह के बाद विवाह प्रमाणपत्र भी जारी करते हैं.
- आर्य समाज मंदिर में शादी करने के लिए युवती की उम्र 18 साल और युवक की उम्र 21 साल होनी चाहिए.
- युवकयुवती की डेट औफ बर्थ का पू्रफ होना चाहिए जैसे कि उन का 10वीं का सर्टिफिकेट या बर्थ सर्टिफिकेट आदि.
- एड्रैस प्रूफ होना चाहिए.
- 2 गवाह होने चाहिए.
- शादी से 2 दिन पहले एक आवेदनपत्र भरना होगा और उस के साथ डेट औफ बर्थ सर्टिफिकेट अटैच करना होगा. इस तरह सभी औपचारिकताएं पूरी कर आवेदन करने के 2 दिन बाद आप वहां जा कर शादी कर सकते हैं.
स्पेशल मैरिज ऐक्ट के तहत बिना धर्म बदले भी शादी हो सकती है. इस के लिए आप को अपने क्षेत्र के मैरिज अधिकारी, एसडीएम, डीएम, मैरिज पंजीयक या किसी भी सक्षम अधिकारी के पास अर्जी लगानी पड़ेगी. इस के लिए अधिकारी 30 दिन का नोटिस जारी कर आपत्ति मंगवाएंगे कि कहीं कोई पार्टी नाबालिग या शादीशुदा तो नहीं है. इस के 30 दिन बाद आप शादी कर सकते हैं, क्योंकि अगर आप 21 साल के हैं, तो शादी हो सकती है. हां, यदि युवती के मातापिता राजी नहीं हैं तो आर्य समाज मंदिर में जा कर शुद्धिकरण यज्ञ के बाद शादी कर सकते हैं, जो बाद में हिंदू मैरिज ऐक्ट के तहत रजिस्टर हो सकती है. इस में कोई नोटिस नहीं दिया जाता है.
अमूमन आर्य समाज मंदिर में शादी के तुरंत बाद प्रमाणपत्र मिल जाता है और उस के बाद 2-3 दिन में ही आप हिंदू मैरिज ऐक्ट के तहत अपनी शादी रजिस्टर करवा सकते हैं. उस के बाद आप के खिलाफ यदि कोई मामला दर्ज कराता है, तो वह खारिज हो जाएगा. लेकिन ध्यान रहे कि शादी रजिस्टर्ड आर्य समाज मंदिर जो सार्वदेशिक आर्य सभा से संबंधित हो, से ही करवाएं. अन्य संस्थाएं फर्जी हैं, जिन के शादी के पू्रफ मान्य नहीं होते हैं. आप अपने किसी बालिग मित्र जो पैनकार्ड व पासपोर्ट धारक हो, को साथ ले जाएं ताकि आसानी से उन का रजिस्टे्रशन हो जाए. अब राजपत्रित अधिकारी या पारिवारिक सदस्य की आवश्यकता नहीं होती.
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