भाग कर शादी करना लव मेरिज करना बहुत जरूरी हो जाता है जब लड़के लड़की के परिवार वाले इस शादी के खिलाफ हो या आप अलग अलग धर्म के हो या अलग जाती के हो तो भारत में इस के लिए बहुत आसान कानून है बस आप बालिग होना चाहिए यानि लड़के की उम्र 21साल और लड़की की उम्र 18 साल होना जरूरी है फिर आप विवाह कर सकते है

कोर्ट मैरिज-

यदि आप दोनों वयस्क हैं तो आप विवाह कर सकते हैं।  इस के लिए माता-पिता की सहमति की आवश्यकता नहीं है। लेकिन इस अंतर्जातीय विवाह के लिए आप को समाज में विरोध सहन करना होगा।  यह भी हो सकता है कि लड़की के माता-पिता आप के विरुद्ध लड़की को बहला फुसला कर ले जाने उस का अपहरण करने और उस के साथ बलात्कार करने जैसे आरोप भी लगा सकते हैं।  एक बार पुलिस द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर लेने के उपरान्त आप को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।  लड़की को उस के माता-पिता के संरक्षण में दिया जा सकता है। सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि लड़की पुनः अपने माता-पिता के संरक्षण में जाने के उपरान्त भी आप के पक्ष में यह बयान दे कि उस ने आप से स्वेच्छा से विवाह किया है और वह आप के साथ रहना चाहती है। यदि आप के विरुद्ध की मुकदमा दर्ज हो जाए और आरोप पत्र दाखिल हो तो आप को उस का मुकाबला करना होगा।  यदि आप इन सब के लिए तैयार हैं तो आप यह विवाह कर सकते हैं।

बिना धर्म बदले हो सकती है शादी-

स्पेशल मैरिज ऐक्ट के तहत बिना धर्म बदले भी शादी हो सकती है. इस के लिए आप को अपने क्षेत्र के मैरिज अधिकारी, एसडीएम,
डीएम, मैरिज पंजीयक या किसी भी सक्षम अधिकारी के पास अर्जी लगानी पड़ेगी. इस के लिए अधिकारी 30 दिन का नोटिस जारी कर आपत्ति मंगवाएंगे कि कहीं कोई पार्टी नाबालिग या शादीशुदा तो नहीं है. इस के 30 दिन बाद आप शादी कर सकते हैं, क्योंकि अगर आप 21 साल के हैं, तो शादी हो सकती है. हां, यदि युवती के मातापिता राजी नहीं हैं तो आर्य समाज मंदिर में जा कर शुद्धिकरण यज्ञ के बाद शादी कर सकते हैं, जो बाद में हिंदू मैरिज ऐक्ट के तहत रजिस्टर हो सकती है. इस में कोई नोटिस नहीं दिया जाता है.

आर्य समाज मंदिर में शादी-

अमूमन आर्य समाज मंदिर में शादी के तुरंत बाद प्रमाणपत्र मिल जाता है और उस के बाद 2-3 दिन में ही आप हिंदू मैरिज ऐक्ट के तहत अपनी शादी रजिस्टर करवा सकते हैं. उस के बाद आप के खिलाफ यदि कोई मामला दर्ज कराता है, तो वह खारिज हो जाएगा. लेकिन ध्यान रहे कि शादी रजिस्टर्ड आर्य समाज मंदिर जो सार्वदेशिक आर्य सभा से संबंधित हो, से ही करवाएं. अन्य संस्थाएं फर्जी हैं, जिन के शादी के पू्रफ मान्य नहीं होते हैं. आप अपने किसी बालिग मित्र जो पैनकार्ड व पासपोर्ट धारक हो, को साथ ले जाएं ताकि आसानी से उन का रजिस्टे्रशन हो जाए. अब राजपत्रित अधिकारी या पारिवारिक सदस्य की आवश्यकता नहीं होती.
कोर्ट मेरिज में आसानी